सही और गलत के उस पार
कोरोना महामारी के चलते जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारी में थी। बाहर से आए हुए लोगों के लिए प्रशासन द्वारा तैयार किए गए एक रजिस्ट्रेशन सेंटर में बहुत कम ही लोग थे । इतने में एक महिला आ पहुंची । उनके साथ एक बच्चा भी था । उम्र लगभग तीन चार साल । महिला देखने में काफी दुबली पतली और रुग्ण दिख रही थी । मां और बच्चा दोनों की कपड़े पुराने और मेले थे । कुर्सी पर बैठे तरुण अधिकारी सामने वाले कुर्सी की तरह हाथ दिखाके बैठने के लिए इशारा किया ।
अधिकारी : जी बताइए !
महिला : साहब मे वो ... मुंबई गई थी अपने पति के पास । वह मजदूरी करते है उधर । ये गाड़ी वाडी सब बंद हुआ, उससे ठीक पहले ही लोटी थी । वो सब बोल रहे थे कि कुछ कुरांट.... करंट.... टिन में रहना है । इसलिए आ गई ।
अधिकारी : जी सही किया आपने । आपको हम 14 दिन के लिए अलग से रखेंगे । खाने वाने का पूरा बंदोबस्त है । सरकार आपकी पूरी हिफाजत करेगी ।
महिला :(हल्की मुस्कान के साथ) सुक्रिया साहब । हम गरीबों के लिए आप लोग ही भगवान है ।
अधिकारी : कोई नहीं । आप यह फार्म भर लीजिए । हम आगे का देख लेंगे ।
महिला : जी.... (बगल में रखी हुई झोले में से एक पुराना छोटा मोबाइल निकाली। उसमे नंबर भी मिट चुके थे । )
अधिकारी : यहां पर लिख लीजिए । .... घर से कुछ लेकर आना है आपको? कपड़ा ...सामान.. कोई है घर पे।
महिला : नहीं साहब । (झोले के तरफ दिखाते हुए) इसमें थोड़े कपड़े है । चल जाएगा ।
अधिकारी : ठीक है , आप इंतजार कीजिए ।
महिला : धन्यवाद साहब ।
अधिकारी : आपने झूठ क्यों बोला? आपका कोई travel history नहीं है ।
अधिकारी : सरकार की मदद का आपने मजाक बना दिया । (गहरी सांस छोड़ते हुए...) आप ये जगह जल्द ही खाली कीजिए ।
अधिकारी मुड़के दरवाजे के तरफ जा ही रहे थे महिला ने हल्की स्वर में आवाज दी ।
महिला : साहब !
अधिकारी मुड़े ।
महिला : साहब ! मेरे पति मजदूरी करते थे । अब उनका धंधा बंद हो गया । मैं चार पांच घरों में बर्तन माजती थी । वो भी बंद हो गया । सिर्फ एक मालकिन ने पैसा दिया तरस खाके । अब इतने में गुजारा तो नहीं चल रहा है । 2 महीने से घर का भाड़ा नहीं दे पाया । वो घर खाली करने के लिए बोल रहे हैं । दुकानदार के पास इतना उधारी है कि चुकाने में 3-4 महीने लग जाएंगे ।
(आखों से आंसू पोछते हुए)
कहां जाता साहब ? आसमान टूटती है तो सबसे पहले गरीब के सर पर ही गिरती है ।
झोला उठाते हुए महिला बोली,
साहब ! ये एक बच्चे को तो रख लीजिए यहां पर !
अधिकारी : एक बच्चा !! और भी है क्या ?
अधिकारी बेड के नीचे आेर चारो तरफ देखने लगे, कहीं कोई दूसरा है कि नहीं । किसीको ना पाने के बाद वो महिला के तरफ देखे ।
महिला ने अपना डायना हाथ पेट के ऊपर रख कर बोली "दूसरा"
अधिकारी का चेहरा फिर से झुक गया । उनके चेहरे से गुस्सा गायब हो चुका था ।

Nice story dear ...👍👍👍
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